Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Shivam Antapuriya

Romance


5.0  

Shivam Antapuriya

Romance


प्यार से सँभालो

प्यार से सँभालो

1 min 308 1 min 308


चलो मेरे साथ 

तुम चलते रहो 

तुम मेरे साथ 

रहो न रहो 

मगर मुझे प्यार 

से देखते रहो 


हम गर समझ 

न सके तुम्हारे 

अल्फ़ाज़ तो

गलत न मुझे 

समझो 


मेरी बेखुदी को 

बस दिल से तुम 

समझो 

हम प्यार से हैं 

डरते तुमसे भी 

हैं अनजाने 

अब इश्क को 

तुम मेरे प्यार से 

 सँभालो 




Rate this content
Log in

More hindi poem from Shivam Antapuriya

Similar hindi poem from Romance