प्यार की कहानी या सच्चाई।
प्यार की कहानी या सच्चाई।
प्यार की कहानी या सच्चाई।
प्यार के नाम पर किस्मत खूब रुलाती थी।
रात भर जागता कमबख्त नींद ना आती थी।
अब मैं खूब हंसता और किस्मत को हूं रुलाता,
पराया प्यार पाने की नाकाम कोशिश मत करना।
हंसते-मुस्कुराते देखकर जीने की कोशिश करना,
अब जब वो खुश हैं किसी के साथ बसाकर घर-बार।
तो हमको कोई हक नहीं उजाड़ने का उनका संसार,
सच्चा प्यार किया मैंने भी जिंदगी में सिर्फ एक बार।
बस गलती ये हुई कि दोनों को हुआ शादी के बाद,
दोनों जानते हैं मर्यादा नहीं करेंगे एक-दूसरे को बर्बाद।
सच्चा प्यार बनता ना वासना और मन का कभी गुलाम,
लड़-झगड़ कर श्मशान बनते नहीं बनते सुखी परिवार।
प्यार-मोहब्बत और अमन-चैन से जियो और जीने दो,
लड़ाई, नफ़रत, झूठ-फरेब इनसे तौबा-तौबा कर लो।

