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Omdeep Verma

Abstract

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Omdeep Verma

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प्यार के रंगों से

प्यार के रंगों से

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भूलाकर मन-मुटावों को 

एक दूजे को गले लगाए।

चलो अब की होली 

प्यार के रंगों से मनाए।


महक जाए जिंदगी 

रंगों की खुशबू से 

ना रहे भेदभाव कोई 

लग जाए इसी जुस्तजू में 


करें कुछ ऐसा मिलकर 

मायूस चेहरों पर हंसी छा जाए। 

चलो अब की होली 

प्यार के रंगों से मनाए।


सबकी बेरंग दुनिया रंग दे 

प्रेम रंग की फुहारों से 

विद्वेष भुलाकर घुल जाए 

उल्लास बहारों में 


आने वाली खुशियों के लिए 

आज थोड़ा वक्त गवांए।

चलो अबकी होली 

प्यार के रंगों से मनाए।


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