STORYMIRROR

Dharitri Mallick

Abstract

2  

Dharitri Mallick

Abstract

प्यार और अपमान

प्यार और अपमान

1 min
465

जिन लोगों के खातिर आप अपने प्यार को 

अपमानित लांछित करते हैं

कभी अपने प्यार के खातिर भी उन लोगों को 

अपमानित लांछित कर सकते हैं ???


तो क्यूं किसि के दिल के साथ खेलते हैं ?

उनके नाम खराब करते हैं ?


इसको प्यार तो कभी नहीं कह सकते 

ये सिर्फ़ कुछ बुरी नियत, नीच स्वार्थ 

व मतलब से बनाया गया नाटक, 

चाल, छल हो सकता है ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract