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tirgar vijayaben

Romance

3  

tirgar vijayaben

Romance

पत्नी का सुहाग

पत्नी का सुहाग

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बेहद खुश हूं मैं आपको पाकर

अब तो कोई डर ही नहीं रहा

कुछ खोने और कुछ पाने का

जैसे सारा जहाँ मिल गया हो मुझे।


इच्छा तो बस एक ही है मेरी

पूरी जिंदगी आपके साथ गुजरे

चाहे सुख हो या फिर चाहे दुःख

मेरा होना ही जैसे आपके लिए हो।


जबसे आपने थामा है हाथ मेरा

मैं तो भुलाये बैठी हूँ अपने आपको

अब तो साँसे भी आपके

नाम से चलती है

मानो मेरे दिल पे आपका

प्यार ओर गहरा कर रही हो।


जितना भी आपको चाहूँ

उतना ही कम लगता है मुझे

बस खुश देखना चाहती हूँ मैं आपको

फिर वो चाहे मेरे साथ हो या मेरे बगैर।


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