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Vivek Gulati

Abstract Inspirational

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Vivek Gulati

Abstract Inspirational

प्रतिबिंब

प्रतिबिंब

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अहंकार की परत हटाकर देखो

 क्या दिखा प्रतिबिंब में छुपा हुआ रावण 

लोगों के बाणों से बहुत छलनी हुए तुम

अपने दिये हुए ज़ख्मों का भी करो आँकलन

आसान है दूसरों पर उँगली उठाना

तुमसे भी दुखी हो सकता है ज़माना

औरों के शैतान से बाद में लड़ना

पहले अपने अंदर के रावण से है निपटना

सच्ची कोशिश कर के देखो

अपने आप को सही से जाँचो परखो

बदलने की प्रक्रिया आज से ही करो आरंभ

गर्व होगा जब देखोगे अपना प्रतिबिंब


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