प्रणाम- नारी शक्ति
प्रणाम- नारी शक्ति
खुशियां सदा मिलती हैं उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है।
नर तो महज एक मशीन है, पर बैटरी तो उसकी नारी है।
बेटी-बहन और सह-धर्मिणी रूप में, जब देती जन्म तो महतारी है।
शक्ति बिना तो शिव भी है शव, सृष्टि में समता की अधिकारी है।
खुशियां सदा मिलती हैं उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है
इक-दूजे के पूरक हैं ये, एक अकेला तो कुछ भी नहीं।
मिल-जुल के जब साथ बढ़ें, तब स्वर्ग उतर आता है वहीं।
इक-दूजे का आदर करें, तो समस्या कोई टिकती नहीं।
घर वाले हों या बाहर के हों, आदर के सब अधिकारी हैं।
खुशियां सदा मिलती हैं उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है
बताशे बनाएं नहीं बातों के, व्यवहार में भी झलकता हो।
व्यवहार पर दिखावा न हो, आपके अंतर्मन में भी बसता हो।
आप आदर्श और प्रेरक बनें, प्रेम और आदर झलकता हो।
खुशियों का ध्यान सबका रखें, क्योंकि खुशी तो सबको ही प्यारी है।
खुशियां सदा मिलती है उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है
आठ मार्च मनाते हैं महिला दिवस, बाकी दिन के लिए हम सो जाते हैं।
भाषण में पुतले हैं आदर्श के, मंच से उतरते ही भूल जाते हैं।
जो हमने किया वह न अन्याय था, मांगते हैं न्याय जब दुख पाते हैं।
अपना तो सब आदर करें, जब देना हो तो दूजे की बारी है।
खुशियां सदा मिलती है उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है
जो हो गया उससे सीख लें, सोचकर योजना फिर बनानी है।
जो शुभ हुआ फिर से करें, गलती न फिर दोहरानी है।
कार्य सदा हम शुभ ही करें जो, दुनिया खूबसूरत बनानी है
कायम रखें सदा सद्भावना, यह दुनिया तो आनी-जानी है।
झूठे हमेशा ताने सहें और, तारीफ पाती सदा ईमानदारी है।
खुशियां सदा मिलती हैं उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है।
