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Chandramohan Kisku

Inspirational

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Chandramohan Kisku

Inspirational

प्रकृति

प्रकृति

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जब तक मैं 

सागर की छलकती पानी हूँ 

आनंद के साथ खेल सकते हो .

जब तक मैं

फाल्गुन की मंद वायु हूँ 

सिहरन महसूस कर सकते हो 

युवा देह में .

जब तक मैं

सावन की काली बदरिया हूँ 

भीग सकते हो आनंद के साथ .

जब तक मैं 

स्थिर, स्वच्छ और पवित्र हूँ 

आनंद के साथ खेल सकते हो 

हर दिन .

मेरी स्थिरता को देखकर 

शक्ति की परीक्षा न लो 

अंधी - तूफान को आमंत्रण न दो .

शांत ज्वालामुखी को देखकर 

अग्नि की परीक्षा न लो 

जलकर खाक हो जाओगे .

प्रकृति हूँ मैं

मुझसे लड़ो मत 

जानती हूँ तुम्हारी शक्ति

जल जायेगी दुनिया 

मेरे गुस्से की आग से 

मुझसे लड़ो मत।


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