STORYMIRROR

chandraprabha kumar

Abstract

3  

chandraprabha kumar

Abstract

परियों की कहानी

परियों की कहानी

1 min
220

     

कहा भगवान् से मैंने

मेरा बचपन लौटा दो, 

परियों की कहानी पढ़ूँ

उसी में फिर से खो जाऊँ ।


परियों कितनी सहायता करतीं

सिंडरैला को रानी बना दिया, 

उसकी नई - नई पोशाक करी

जादू से नई सैंडिल पहनाई। 


मेरे भी सपने परियों पूरा करेंगी

मेरे सब काम कर देंगीं,

कितना अच्छा होता

मेरा बचपन लौटकर आता। 


भगवान् बोले दुनिया पलट गई

परियों की कहानी भी पलट गई,

 अपने हिस्से का काम खुद करो

क्यों किसी का सहारा तको। 


 क्या अब फिर से इंग्लिश ,गणित, 

भूगोल ,इतिहास ,नागरिक शास्त्र 

ऐलजेब्रा,ट्रिगनोमेट्री , कैमिस्ट्री

प्राणिविज्ञान रसायनशास्त्र पढ़ोगे ?

  

कहा मैंने हे भगवन्! रहने दीजिये

मेरा वैसे ही ठीक चल रहा है,

मैं सपने में परियों से बात करुँ

उनके पंखों पर उड़ खुश हो लूँ। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract