STORYMIRROR

Kavi Martand

Drama

2  

Kavi Martand

Drama

परिवर्तन

परिवर्तन

1 min
489

वे जब से हुए नेता नेता

चलते हैं सिर ताने ताने


वे तोड़ सलाखें भागे थे

अब पुजते हैं थाने थाने।


लद गए पुराने दिन उनके

वे जब से दल में आए हैं


वे अनजाने बेगाने थे

अब कहलाते जाने माने।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama