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Sunil Kumar

Inspirational

4  

Sunil Kumar

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परिवार

परिवार

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अपनों का छोटा सा संसार 

रक्त संबंध जिसका आधार

कहलाता है परिवार।


स्नेह का खुलता जहां द्वार

मिलता है अपनत्व अपार 

कहलाता है परिवार।


एक-दूजे की बाहें थाम

निभाते सब जीवन भर साथ 

कहलाता है परिवार।


सही-गलत का मिलता ज्ञान 

भले-बुरे की होती पहचान

कहलाता है परिवार।


सुख-दु:ख में आते सब काम 

करते कर्म सब फर्ज जान

कहलाता है परिवार।

 

ऊंचा करते कुल का नाम

मिलजुल करते सब काम

कहलाता है परिवार।


धैर्य-प्रेम-विश्वास-सहयोग

परिवार का स्तंभ आधार 

इसके बिना बनता न परिवार।



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