STORYMIRROR

Mamta Rani

Romance Fantasy

4  

Mamta Rani

Romance Fantasy

प्रीत

प्रीत

1 min
34

तुझको प्रीत तुझको गीत लिखूँ

दिल से तुझको मनमीत लिखूँ


पढ़कर मेरे शब्द भरे एहसास तू

कविताओं में तुझको प्रीत लिखूँ


चाहत जो दिल में, तेरी है हर पल

जिंदगी की तुमको रीत लिखूँ


दर्द में जो बनके रहे मरहम हरदम

ओस की बूंद की प्यारी शीत लिखूँ


बहे मन में जो धारा तुमसे प्यार की

प्रेम दिल की ,तुझी को अमित लिखूँ



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance