The Baby hands
Romance
कुछ ऐसा ही है प्रेम हमारा ,
तुम मेरे नहीं , मैं फिर भी तुम्हारा।
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सन्नाटा
सुनो...
रैंडम बार्स
बंसी
हमारी कहानी.....
इंतज़ार
गुम हूं…
चलो मान जाओ न
कोई अपना है म...
जब मौत अपनी गोद में रख लेगी मेरा सिर तुम मेरे पैरों के पास बैठ जाना। जब मौत अपनी गोद में रख लेगी मेरा सिर तुम मेरे पैरों के पास बैठ जाना।
इश्क़ में तेरे हद से गुज़र जाऊँगी या या बिखर जाऊँगी या संवर जाऊँगी...! इश्क़ में तेरे हद से गुज़र जाऊँगी या या बिखर जाऊँगी या संवर जाऊँगी...!
आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर। आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर।
तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में.. तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में..
"फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं। "फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं।
दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया ! दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया !
तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी। तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी।
बस तुम यूं ही आ जाना...। बस तुम यूं ही आ जाना...।
एक गीत अपनी मोहोब्बत के लिए।। एक गीत अपनी मोहोब्बत के लिए।।
मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे। मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे।
जबसे साथ तुम्हारा पाया, मन- वीणा के तार बजे। जबसे साथ तुम्हारा पाया, मन- वीणा के तार बजे।
मैं बन जाती थी आसमान, वो तारा बनकर मुझमें बिखर जाता था... मैं बन जाती थी आसमान, वो तारा बनकर मुझमें बिखर जाता था...
जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो। जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो।
आम्र कुंज सब गए बौर से, और न देन लगाओ , फागुन का महीना है आया, प्रियतम घर आ जाओ। आम्र कुंज सब गए बौर से, और न देन लगाओ , फागुन का महीना है आया, प्रियतम घर आ ज...
इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ! इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ...
पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का गुणगान करनेवाली यह क... पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का ...
पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है हमारा। पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है...
गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर... गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर...
मैं मचलती हूँ सात सुर-सी बजती वीणा-सी, कोई नश्तर नहीं मेरे वज़ूद के आसपास... मैं मचलती हूँ सात सुर-सी बजती वीणा-सी, कोई नश्तर नहीं मेरे वज़ूद के आसपास...
इन दिनों अकुलाया बौराया सा है मन , प्रिय के आलिंगन को तत्पर है बदन ! इन दिनों अकुलाया बौराया सा है मन , प्रिय के आलिंगन को तत्पर है बदन !