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Prem Thakker

Romance Others

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Prem Thakker

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प्रेम का विश्वास

प्रेम का विश्वास

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सुनो दिकु......


तुम्हारे बिना दिन तक नहीं गुज़रता ठीक से मेरा

रातें तो बहुत दूर की बात है


ज़बरदस्ती नहीं तुम से रिश्ता निभाने की मेरी

मुझे तो तुम्हें सिर्फ खुश देखने की आस है


माना तुम्हारे चले जाने से बहुत उदास हो गया है मेरा मन

खुशी की एक झलक भी ना मेरे आसपास है


परवाह नहीं, मिलते रहे बेहिसाब दिल के ज़ख़्म मुझे

तुम्हारा हंसता चेहरा मेरे लिये मरहम का एहसास है


की मांगता हूँ मदद सब से, काश कोई मेरे हाल पहुंचा दे तुम तक

पर साथ नहीं किसी का इसलिये मन काफी निराश है


तय किया है चाहे जितना ही गहरा क्यों ना मिले अंधेरा राह में

एक दिन उजाला ज़रूर ढूंढ निकालूंगा, यह प्रेम को अपने प्यार पे विश्वास है


*प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये*


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