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Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

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Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

प्रेम का इज़हार।

प्रेम का इज़हार।

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हम प्रेम का इज़हार करने आ गए थे, 

पर हक़ीक़त में आना नहीं चाहते थे। 


हम आना तो बिल्कुल नहीं चाहते थे, 

तेरी मोहब्बत की प्यास ले आई हमें। 


दग़ा करके बेवफ़ाई करने वाली तुम, 

तन्हाई का तोहफ़ा सौगात देने वाली।


समय का चक्रव्यूह फँसाता हमें प्यारे, 

हमें बर्बाद करके हुए उनके वारे न्यारे।


महाभारत में अभिमन्यु फँसे थे बेचारे, 

वैसे ही हम धोखा खाते हर बार प्यारे।

 

ज़िन्दगी चार दिन की चैन से जीना है, 

प्यार सच्चा झूठा भरोसा ना करना है।


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