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Deepak Dixit

Abstract Romance

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Deepak Dixit

Abstract Romance

प्रेम गीत गाओ

प्रेम गीत गाओ

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सपनों में तो आते हो हकीक़त में कभी आओ

एक बार नहीं आ सकते तो फिर किश्तों में ही आ जाओ


दुनिया की निगाहों से कुछ दूर चले जाओ

न कोई तुम्हें देखे पर मुझ को नज़र आओ


अरमान जो सोए हैं उनको जगा जाओ

करना कुछ और नहीं तुम सिर्फ मुस्कुराओ


सुन्दर सा साज कोई हाथ में उठाओ

दिल की धड़कनों की धुन पर गुनगुनाओ


सांसों की सरगम पर राग तुम सुनाओ

यूँ ही कुछ बोल तुम बोले चले जाओ


नाचते गाते हुए मस्ती में थिरक जाओ

तुम छोड़ के सब बंधन बस मुझ में समा जाओ


मेरे साथ आओ प्रेम गीत गाओ

दुनिया को बेहतर तुम साथ में बनाओ


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