Sukriti Verma
Inspirational Children
घूमती है यह जगह जगह,
इसकी स्वतंत्रता ही है
इसके हर्ष की वजह,
इसकी प्रेरणा से बनते हैं
हम आकांक्षी,
इसीलिए तो यह कहलाते हैं पंछी।
आकाश
बच्चे!
परोपकार
नृत्य
मिट्टी
आत्मविश्वास
हंसी
मानवता
पंछी
त्योहार!
मरघट वह्नि में दहक रहा, गुलशन रंजिशों से महक रहा. मरघट वह्नि में दहक रहा, गुलशन रंजिशों से महक रहा.
कुकर की सीटी में वे दबाती गईं सिसकियां ! कुकर की सीटी में वे दबाती गईं सिसकियां !
चन्दा सोहे शीश पर , काम नशावन हार । मोह निशा का नाश कर , ज्ञान दिवस दातार।। चन्दा सोहे शीश पर , काम नशावन हार । मोह निशा का नाश कर , ज्ञान दिवस दातार।।
मैंने विरासत में करोड़ो पाने वालो को, छिपने में सुकून महसूस करते देखा है| मैंने देखा है, मैंने विरासत में करोड़ो पाने वालो को, छिपने में सुकून महसूस करते देखा है| मैंने द...
सफलता के लिए कोई लिफ्ट नहीं है, सीढ़ियाँ चढ़नी हैं. सफलता के लिए कोई लिफ्ट नहीं है, सीढ़ियाँ चढ़नी हैं.
सम्पूर्ण विश्व ने किया भारतीय संस्कृति का सम्मान। सम्पूर्ण विश्व ने किया भारतीय संस्कृति का सम्मान।
तुम फिर प्रयास करो यशवंती अपना भुजबल आजमाओ तुम। तुम फिर प्रयास करो यशवंती अपना भुजबल आजमाओ तुम।
मैंने कहा- "तुम स्त्री जात हो इसीलिए भावनाओं की गंगा में बहती रहती हो मैंने कहा- "तुम स्त्री जात हो इसीलिए भावनाओं की गंगा में बहती रहती हो
वे तो उठाते रहेंगे उंगलियां हर रोज नई उंगलियां...... वे तो उठाते रहेंगे उंगलियां हर रोज नई उंगलियां......
प्रसन्नचित्त,परमानंद में लिप्त, बावरा-सा मन लिए फूल हूं मैं। प्रसन्नचित्त,परमानंद में लिप्त, बावरा-सा मन लिए फूल हूं मैं।
जिससे मिले किसी को प्ररेणा वो सच मे है, असल कविता, शब्द। जिससे मिले किसी को प्ररेणा वो सच मे है, असल कविता, शब्द।
ऐसा प्रेम मधुर हो जिसको, याद करे यह दुनिया सारी। ऐसा प्रेम मधुर हो जिसको, याद करे यह दुनिया सारी।
समाज की जलती सोच का आलिंगन कर, मैं चल पड़ा हूँ बेफिक्र, इस जीवन पथ पर। समाज की जलती सोच का आलिंगन कर, मैं चल पड़ा हूँ बेफिक्र, इस जीवन पथ पर।
किसी एक की कुर्बानी से देश नहीं आज़ाद हुआ मिटे अनगिनत देश की खातिर तब जाकर आज़ाद हुआ। किसी एक की कुर्बानी से देश नहीं आज़ाद हुआ मिटे अनगिनत देश की खातिर तब जाकर आज़ा...
पहिये की भांति वक्त, चलता रहता है, झुकाता है जग को,स्वयं नहीं झुकता है। पहिये की भांति वक्त, चलता रहता है, झुकाता है जग को,स्वयं नहीं झुकता है।
एक संभावनाओं की दुर्घटना अधिक लगता है, और मन में अनायास अवांछित होने का भाव जगता है एक संभावनाओं की दुर्घटना अधिक लगता है, और मन में अनायास अवांछित होने का भाव ज...
हम मनोहर दूरवर्ती, कार्यक्रम चलाएं। अपने सभी बच्चों का,हम सब ग्रुप बनाएं। हम मनोहर दूरवर्ती, कार्यक्रम चलाएं। अपने सभी बच्चों का,हम सब ग्रुप बनाएं।
मुझे विद्युत संचालित दाह गया गृह में जला आना इस प्रकार बचा लेना एक वृक्ष। मुझे विद्युत संचालित दाह गया गृह में जला आना इस प्रकार बचा लेना एक वृक्ष।
गूँज रहा है यूँ तो गुलशन , आजादी के नारों से। गूँज रहा है यूँ तो गुलशन , आजादी के नारों से।
मां बाप का पूजन करें हम श्रद्धा के साथ इसी तरह से पेड़ को सींचे अपने हाथ। मां बाप का पूजन करें हम श्रद्धा के साथ इसी तरह से पेड़ को सींचे अपने हाथ।