Sukriti Verma
Inspirational
मन को है यह बहलाती,
परिश्रम करना हमें सिखाती,
इसीलिए तो यह कला नृत्य है यह कहलाती!
आकाश
बच्चे!
परोपकार
नृत्य
मिट्टी
आत्मविश्वास
हंसी
मानवता
पंछी
त्योहार!
तू माँ है - माँ से ज्यादा तेरी पहचान क्या लिखूं तू माँ है - माँ से ज्यादा तेरी पहचान क्या लिखूं
आज है देश के बापू की जन्म तिथि जिस महा पुरुष ने लाया देश में जागृति। आज है देश के बापू की जन्म तिथि जिस महा पुरुष ने लाया देश में जागृति।
राम लिखो रहमान लिखो, गीता संग पाक कुरान लिखो। राम लिखो रहमान लिखो, गीता संग पाक कुरान लिखो।
समय के साथ साथ एकाकीपन का घाव नित गहरा हो रहा है. समय के साथ साथ एकाकीपन का घाव नित गहरा हो रहा है.
मैं रमा रहूं नित्य तेरे आनंद रूप में, चिन्मय व्यापार बना बना रहूँ तुम्हारा। मैं रमा रहूं नित्य तेरे आनंद रूप में, चिन्मय व्यापार बना बना रहूँ तुम्हारा।
कुछ परिजन के सुरमा होने से कुछ पल ही बल मिलता, कुछ परिजन के सुरमा होने से कुछ पल ही बल मिलता,
उस गजल को उठाया लगाया गले, बना संस्मरण फिर मैं चल पड़ी।। उस गजल को उठाया लगाया गले, बना संस्मरण फिर मैं चल पड़ी।।
अकेले चलो, गिरो, उठो और सीखो, आनंद लिया अपने जीवन के खट्टे-मीठे किस्सों का, अकेले चलो, गिरो, उठो और सीखो, आनंद लिया अपने जीवन के खट्टे-मीठे किस्सों का,
द्वितीय विश्व महायुद्ध बना हमारे आजादी के लिए वरदान, द्वितीय विश्व महायुद्ध बना हमारे आजादी के लिए वरदान,
एक बार तो लौट के आ और आगोश में भर ले। एक बार तो लौट के आ और आगोश में भर ले।
जिसके भी मन में यह भ्रम है कि मुझे श्रीराम ने मारा तो यह भ्रम निकाल दीजिये।। जिसके भी मन में यह भ्रम है कि मुझे श्रीराम ने मारा तो यह भ्रम निकाल दीजिये...
वर्तमान का चेहरा हैं युवा; भविष्य निर्माता हैं युवा। वर्तमान का चेहरा हैं युवा; भविष्य निर्माता हैं युवा।
2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर गुजरात में। जन्म हुआ मोहन का गुजराती परिवार में।। 2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर गुजरात में। जन्म हुआ मोहन का गुजराती परिवार में।।
संसार के सब दर्शन महान, तेरे मार्ग दर्शन ने ही सुझाये हैं। संसार के सब दर्शन महान, तेरे मार्ग दर्शन ने ही सुझाये हैं।
मैंने आज खुद को चुना है, औरों से ज्यादा खुद को सुना है, मैंने आज खुद को चुना है। मैंने आज खुद को चुना है, औरों से ज्यादा खुद को सुना है, मैंने आज खुद को चु...
अपना सर्वस्व त्याग देना क्या होता है, उस त्याग का गर्व क्या होता है, अपना सर्वस्व त्याग देना क्या होता है, उस त्याग का गर्व क्या होता है,
कमर पे धोती हाथ की लाठी पहचान थी, बूढ़ी आंखों पे ऐनक कसी कद काठी थी। कमर पे धोती हाथ की लाठी पहचान थी, बूढ़ी आंखों पे ऐनक कसी कद काठी थी।
मुहब्बत को करना और समझना इतना आसान नहीं हैं मुहब्बत को करना और समझना इतना आसान नहीं हैं
आखिर कब तक तुम अपनी प्रेम गाथा सबके सामने गुनगुनाते रहोगे। आखिर कब तक तुम अपनी प्रेम गाथा सबके सामने गुनगुनाते रहोगे।
थक नहीं गयी क्या तुम आदर्श होने का बोझ ढोते ढोते ? थक नहीं गयी क्या तुम आदर्श होने का बोझ ढोते ढोते ?