पलटवार
पलटवार
हम पर पलटकर वार जो कर दे
ऐसे धोखे को वंही बेकार हम दे।
ऐसी तरकीब लाये है हम तनहा
निशाने पर वार एक वार में कर दे।
ज़माने के सितम बहुत झेले हमने
अब हर दर्द को बेकार हम कर दे।
मरहम लगाने वाला भी हंसता रहे
ऐस दर्द-ए-गम से प्यार हम कर दे।
टूटते रहते है चाँद पर सितारे तो
सितारे छू हम आफताब कर दे।
रखते है सारी दुनियां को टोकर पे और
मुट्ठी खोले तो हम हर ख्वाब सच कर दे।
