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Gautam Kachhawaha

Inspirational

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Gautam Kachhawaha

Inspirational

यारी मेरी, बड़ी न्यारी

यारी मेरी, बड़ी न्यारी

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बस... एक तुम्ही तो यार हो, 

सुनने को मुझे,

जो हमेशा तैयार हो, 

ऐसे दोस्ती मिली है मुझे, 

बिना बोले ही सब समझे,

कोई गलत ना समझे,

इसलिए सब को समझाता हूँ,

मगर तुम्हें ज़रूरत न पड़ेगी,

इतना यकीन खुद को दिलाता हूँ,

शायद ही कभी गुस्सा,

तुम्हारे पास भटका होगा,

बातों की शीतलता से जमकर,

वो भी ठहरा होगा,

बस... एक तुम्ही तो यार हो,

सुनने को मुझे,

जो हमेशा तैयार हो,

हमेशा तैयार हो, हमेशा तैयार हो ।


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