नीला नीर-निर्मल सा
नीला नीर-निर्मल सा
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नीला नीर-निर्मल सा,
विचारों के सैलाब में ,
ठहराव के बांध सा,
दूरी के अनंत में ,
समीप के सुकून सा।
नीला नीर-निर्मल सा,
आकाश की गोद में,
शांत एक झील सा
चंचल मन की लहर में,
मधुर एक गीत सा।
नीला नीर-निर्मल सा,
प्रकृति की रचना में,
सागर के प्रतिबिम्ब सा,
एक नज़र में नभ में,
सुंदर एक साज सा।
नीला नीर-निर्मल सा.....
