फूलों की जिंदगी
फूलों की जिंदगी
फूलों की सदा से यह होती नियति है
कुछपल महक होती उनकी अंतगति है
ऐसे फूलों की ही दिल में बनती छवि है,
जो पर खुशी के लिये दे देते जिंदगी है
जो दूसरों की भलाई के लिये मर मिटे,
ऐसे ही फूल की कर तू साखी बंदगी है
खुदा से करता रह बस यही विनती है
फूलो जैसे ही करे वो तेरी यह मति है
फूलों से यह बात भी जरूर सीखनी है,
व्यर्थ सताने पे देना शूलदर्द की गति है
फ़िझुल सतानेवाले को दे,तन क्षति है
वही बनता जीवन युद्ध मे महारथी है
फूल-शूल दोनों साथ रखते जो व्यक्ति है
वही बनते इतिहास की उत्तम कृति है
जो फूलो जैसी जीते शेर जिंदगी है
उनके आगे ही यह दुनिया झुकती है
जो अच्छाई के लिये मिटाते हस्ती है
यह बात बताती फूलो की जिंदगी है
जिओ तो साखी फूल गुलाब के जैसे,
मिटने के बाद भी रहे, तेरी गंध अच्छी है।
