फिर पहले वाली बात होगी
फिर पहले वाली बात होगी
जीवन फिर खुशियों से महक जाएगा ,
फिर वही पहले वाली यहाँ होगी बात,
अभी तो बस यहाँ पर गमों का शोर है,
कुछ पल अपनों के लिए ठहर जाओ,
अपने घरों में जरा तुम संभल जाओ,
अभी तो ये हमारे इम्तिहान का दौर है,
मैं यहाँ सही सलामत अपने घर पर हूँ,
तुम भी अपने घर हिफाजत से रहना,
फैल रहा महामारी का डर चारों ओर है,
माना आज बहुत दूर हैं हम सब अपनों से,
किसी का साथ हमें कभी छोड़ना नहीं है,
रहना मिलकर हमें यहीं हम सबका ठौर है !
