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Astha P

Tragedy

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Astha P

Tragedy

पहचान

पहचान

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रंगों से किसी की जात

पैसों से उसकी औकात

और भाषा से ठाठ का पता नहीं चलता

हरियाली और चांदनी रात

जब मिलके फहराते हैं

तो क्यों याद मुसलमान आते हैं?

काले अँधेरे के बिना जब

नींद में सुकून नहीं आता

तो क्यों है काले कपड़ो को मनहूस माना जाता

हर गरीब जब दुसरे की बाँट कर मदद कर सकता है

तो अमीरों का दिल क्यों छोटा पढ़ जाता है?

क्यों हिंदी भाषा को गंवारों की बना दिया

जब बिना इसके न गानों में ना बातों में स्वाद आता है

कुसूर नज़रिये का है साहब

नहीं तो हर इंसान

इंसानियत से पहचाना जाता है!


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