फैसला हमारा है ...
फैसला हमारा है ...
जाने मुझ में क्या कमी थी जो मुझसे दूर हुए तुम,
मुझको मेरी वफाओं का अच्छा सिला दिया तुमने,
तुमसे कभी सवाल नहीं किया अब भी नहीं करेंगे,
तुम्हारी मर्ज़ी थी दोस्त बनकर आये तुम्हारी मर्ज़ी थी चले गए,
विश्वास हमारा तोड़ गए दिल हमारा तोड़ गए,
वफा की उम्मीद हमने रखी गलती हमारी थी,
रास्ते तुमने अपने बदले ये तुम्हारी खता है,
हम आज भी वहीं खड़े है ये हमारी सजा है,
दोष नहीं देंगे तुझको ये दुनिया की रीत है,
प्यार मिलता नहीं सबको ये इस जग की रीत है,
अजनबी बनकर आते है लोग इस जग में हर मोड़ पर,
अपनी छाप छोड़ जाते है लोगों के दिलो में,
अब ना तुझको आवाज़ लगाएंगे हम ये खता हम करेंगे,
बहुत नख़रे उठा लिए हमने बहुत इन्तजार कर लिया,
रास्ते तुमने जुदा किये ये सितम हुआ तुमसे,
अब हम तुम ना मिलेंगे कभी ये फैसला हमारा है ।
