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Rajivani singh

Inspirational

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Rajivani singh

Inspirational

पापा

पापा

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लिखना तो है बहुत कुछ 

पर क्या लिखूं कुछ समझ नहीं आता

जीवन का आधार

हर लड़की का पहला प्यार होते हैं पापा

जीवन की अधूरी हर खुशी होती पूरी

पापा का दुलार, वो लाड, वो प्यार

आज सब कुछ बहुत याद आता है


अपने सपने कहीं खो दिए हमारे सपनों के बीच

खुद फटे-पुराने कपड़े पहन के 

नए कपड़े दिलवाते पापा

हमारी छोटी सी खुशी के लिए

सब कुछ सह जाते पापा 

तपती धूप में छांव मेरे प्यारे पापा


क्यों यह रीत बनाई है जग ने

जो धूरी है जीवन में 

कहीं छूट जाते हैं

कन्यादान करते हैं पापा

अपने आंसुओं को छुपा के खुशी की कामनाओं के साथ विदा करते हैं पापा

देते हैं अपने दिल का टुकड़ा

किसी और के हाथों में

सच ! बड़े दिलवाले होते हैं पापा

एक समृद्ध भविष्य का उपहार देते हैं पापा

ईश्वर के साथ सबसे अनमोल है पापा

जन्मदिन की हार्दिक बधाई हो पापा ।।




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