STORYMIRROR

अजय पटनायक

Inspirational Others

3  

अजय पटनायक

Inspirational Others

पानी (सार छंद )

पानी (सार छंद )

1 min
230


टिप टिप करती बूंदें, बरसे देखो पानी।

बूढ़े बच्चे है भीग रहे, भीग रही है नानी।


रिमझिम करते बरखा आई, देखो खुशियाँ छाई।

कोमल कोमल पल्लव झूमे, हरियाली है लाई।


देख हँसाती देकर फसलें, करते काम किसानी।

टिप टिप करती बूंदें, बरसे देखो पानी।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational