पागल
पागल
याद है
वो दिन जब तू भागा-भागा आया था
मुझे देखकर तू खुशी से मुस्कराया था।
तेरी हंसी में मैं खो गई थी
जीवन का आनंद आने लगा था
तू मुझे पागल बनाने लगा था।
तेरी हर बात समझ आने लगी थी।
मैं मौन थी अंजान नहीं।
