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Nitu Arora

Tragedy

3  

Nitu Arora

Tragedy

ऑनलाइन रिश्ते

ऑनलाइन रिश्ते

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खून के रिश्ते दूर हो गए

अनजान रिश्ते करीब हो गए


अपने कमरों में सब अकेले हो गए

ऑनलाइन में मेले हो गए


अपनों के पास बैठने का टाइम नहीं हैं

जिनसे कभी मिले नही वो पराये नहीं हैं


घरवालों के साथ जुबान पर ताले लग गए हैं

ऑनलाइन चैटिंग के दीवाने बन गए हैं


घरवालों की खूबियां भी नापसन्द हैं

ऑनलाइन लाइक्स और कमैंट्स ही पसंद हैं


घरवालों के चेहरे पर उदासी दिखती ही नहीं

तुम आज ऑनलाइन नहीं आये कोई प्रॉब्लम तो नहीं।


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