Sumit. Malhotra
Action Classics Inspirational
कभी कभी ये सोचें,
तुम नर हो या नारी।
सुनो जो भी तुम हो,
हमारे लिए सदैव हो।
छोटे भाई-बहन सदा,
ख़ुश रहे आशीर्वाद है।
सबसे बढ़िया बात है,
सदा हँसते हँसाते तुम।
जो भी दूजे को हँसाते,
ऐसे लोग ख़ूब है भाते।
मोहब्बत का मौ...
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जिस तरह भी सजा लो हमें एक न एक दिन तो हमें टूट जाना होता है जिस तरह भी सजा लो हमें एक न एक दिन तो हमें टूट जाना होता है
अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।। अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।।
मानती हूँ थोड़ी पागल हूँ पर इतना अहसास जरूर है मानती हूँ थोड़ी पागल हूँ पर इतना अहसास जरूर है
तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ। तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ।
क्योंकि स्त्री की तरह इस शिकार के साथ जीना इतना आसान नहीं। क्योंकि स्त्री की तरह इस शिकार के साथ जीना इतना आसान नहीं।
जिंदगी में गांठ तू बांध लेना कि हिम्मत हौसला है तेरा गहना। जिंदगी में गांठ तू बांध लेना कि हिम्मत हौसला है तेरा गहना।
मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ। मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ।
अब ऑनलाइन भी लड़कियों के लिए नए नियम बना रहे हैं। अब ऑनलाइन भी लड़कियों के लिए नए नियम बना रहे हैं।
जिसने नाम ना जपा, उसे है अफसोस, अंतिम सत्य रूप में, ले लेता आगोश। जिसने नाम ना जपा, उसे है अफसोस, अंतिम सत्य रूप में, ले लेता आगोश।
सशक्त है वो साकार भी है ये नारी है, जीवन का सार भी है ये। सशक्त है वो साकार भी है ये नारी है, जीवन का सार भी है ये।
अरब और मुगल तो अब तक विनाश ही करते आये स्वयं का धर्म, संस्कृति ही सर्वश्रेष्ठ है, अरब और मुगल तो अब तक विनाश ही करते आये स्वयं का धर्म, संस्कृति ही सर्वश्रेष...
तांडव नृत्य से सृष्टि का कर रहे संहार ! तांडव नृत्य से सृष्टि का कर रहे संहार !
ये पैसे, शोहरत, इज़्ज़त, दौलत से तुम बस नाम कमाओगे ये पैसे, शोहरत, इज़्ज़त, दौलत से तुम बस नाम कमाओगे
कौन है वहां कौन है वहां मैं बोल रहा लेकिन अंधियारों में ना कोई बोल रहा कौन है वहां कौन है वहां मैं बोल रहा लेकिन अंधियारों में ना कोई बोल रहा
कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं। कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं।
अगले जनम जो मिली मुझे तो मन अपना तुम पत्थर करना अगले जनम जो मिली मुझे तो मन अपना तुम पत्थर करना
अपनी नियति अपने हाथों से अब हम स्वयं संवारेंगे। अपनी नियति अपने हाथों से अब हम स्वयं संवारेंगे।
जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे
जिनका नाम प्रख्यात नहीं आज़ादी में उनका भी बलिदान था, जिसने खाईं सीने पर गोली वह हमारा जिनका नाम प्रख्यात नहीं आज़ादी में उनका भी बलिदान था, जिसने खाईं सीने पर गोली...
तीन कपड़ों में तुम्हें ब्याह कर लाए थे अपने होनहार बेटे के लिए तीन कपड़ों में तुम्हें ब्याह कर लाए थे अपने होनहार बेटे के लिए