Sumit. Malhotra
Action Classics Inspirational
कभी कभी ये सोचें,
तुम नर हो या नारी।
सुनो जो भी तुम हो,
हमारे लिए सदैव हो।
छोटे भाई-बहन सदा,
ख़ुश रहे आशीर्वाद है।
सबसे बढ़िया बात है,
सदा हँसते हँसाते तुम।
जो भी दूजे को हँसाते,
ऐसे लोग ख़ूब है भाते।
मोहब्बत का मौ...
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हाँ ! मजदूर हैं हम ।साहब ! दर- दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं हम। हाँ ! मजदूर हैं हम ।साहब ! दर- दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं हम।
एक एक कर मेघनाद ने शस्त्र अनेकों मार दिए मेघनाद ने हनुमान पर जाने कितने ही वार किए एक एक कर मेघनाद ने शस्त्र अनेकों मार दिए मेघनाद ने हनुमान पर जाने कितने ही वा...
कितने कवि लेखक चले गये अब, साहित्य जगत में अकेला ही छोड़। कितने कवि लेखक चले गये अब, साहित्य जगत में अकेला ही छोड़।
यह कश्मीर तो ना देंगे हम वह कश्मीर भी ले लेंगे इस धरती मैया की खातिर जान भी अपनी दे दे यह कश्मीर तो ना देंगे हम वह कश्मीर भी ले लेंगे इस धरती मैया की खातिर जान भी अ...
ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्यों ढूंढे ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्य...
मर्यादा मर रही प्रतिदिन अत्याचार, अन्याय, भय, भ्रष्टाचार पर्याय युवा बन रहा है मर्यादा मर रही प्रतिदिन अत्याचार, अन्याय, भय, भ्रष्टाचार पर्याय युवा बन रह...
ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात ना होती है ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात न...
जिंदगी में गांठ तू बांध लेना कि हिम्मत हौसला है तेरा गहना। जिंदगी में गांठ तू बांध लेना कि हिम्मत हौसला है तेरा गहना।
उन सपनों को अब जीना चाहती हूँ तुम्हारे घर में एक छोटा सा कोना चाहती हूँ उन सपनों को अब जीना चाहती हूँ तुम्हारे घर में एक छोटा सा कोना चाहती हूँ
अब ऑनलाइन भी लड़कियों के लिए नए नियम बना रहे हैं। अब ऑनलाइन भी लड़कियों के लिए नए नियम बना रहे हैं।
जिसने नाम ना जपा, उसे है अफसोस, अंतिम सत्य रूप में, ले लेता आगोश। जिसने नाम ना जपा, उसे है अफसोस, अंतिम सत्य रूप में, ले लेता आगोश।
है महाशिवरात्रि हम मनाते मान के साक्षी महादेव और हमारी माता पार्वती के विवाह को है महाशिवरात्रि हम मनाते मान के साक्षी महादेव और हमारी माता पार्वती के विवाह को
सब को आँचल की छाया में बिठाकर, खुद सहती है धूप सब को आँचल की छाया में बिठाकर, खुद सहती है धूप
बीत जाते है शादी के ये चार दिन नेग चार, बन्ना बन्नी में बीत जाते है शादी के ये चार दिन नेग चार, बन्ना बन्नी में
चुप – चुप अम्मा मेरी रहती है लगता की सबसे वो रूठी है चुप – चुप अम्मा मेरी रहती है लगता की सबसे वो रूठी है
नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे। नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे।
मजहब से उनका काम नहीं, बस झूठी शान का तर्ज़ है ये मजहब से उनका काम नहीं, बस झूठी शान का तर्ज़ है ये
नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।। नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।।
"अखण्ड" मानवता का सम्यक परिचय करवाया... मैं उन सब का सदैव ऋणी हूँ "अखण्ड" मानवता का सम्यक परिचय करवाया... मैं उन सब का सदैव ऋणी हूँ
लेकिन मैं था ढीठ बड़ा, अपने बल पर रहा खड़ा मैंने अब भी ज़िद ना छोड़ी, सीना ताने रहा अड़ा लेकिन मैं था ढीठ बड़ा, अपने बल पर रहा खड़ा मैंने अब भी ज़िद ना छोड़ी, सीना ताने र...