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Anita Sharma

Abstract

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Anita Sharma

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नन्ही बूँद

नन्ही बूँद

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एक नन्ही सी बूँद

पत्ते पर ठहर गयी

एक हलकी सी बयार

एक डर से सहर गयी

सूरज की एक किरण

देख कर लहर गयी

मोती सी चमक पायी

मन भर चहर गयी.


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