Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

प्रियंका दुबे 'प्रबोधिनी'

Inspirational

3  

प्रियंका दुबे 'प्रबोधिनी'

Inspirational

नमो नम:

नमो नम:

1 min
215


नमो हैं, मिट्टी के लाल हैं,

ये चन्दन देश के भाल हैं


नव भारत का शृंगार किये,

नवसृजन नवरोजगार दिये


एक देश, एक कर नीति, 

बनी मजबूत विदेश नीति


सौभाग्य, उज्जवला योजना, 

जन-धन विकास की योजना


जिन्होंने कभी बैंक न देखा, 

बदली उनके हाथों की रेखा


खाता जन-धन का खुल रहा, 

सच में विकास फल-फूल रहा


होती कितनी आलोचनाएं, 

शिथिल नहीं पड़ती भुजाएं


जब देशहित की बात चली, 

निजस्वार्थ की दे दिये बली


घर-बार सभी ये त्याग दिए,

देशहित कर्म में भाग लिए


नमो हैं, मिट्टी के लाल है, 

ये चन्दन भारत के भाल है



Rate this content
Log in