नई आशाओं का पर्व
नई आशाओं का पर्व
नई आशाओं का पर्व है यह,
खुशियों की बौछार है यह।
उठो और जगो, चलो आगे,
खुद को नए सपनों में ढालें हैं।
चिंता और दुखों का अंधकार टूट रहा है,
नये सवेरे की घोषणा कर रहा है।
नई आशाएं हर दिल में धड़क रही हैं,
नए सपनों की ऊँचाइयों को छू रही हैं।
सृष्टि का संग्राम हम सभी देखें,
नए सपनों की उड़ान सभी उठें।
चाहे हो संकट कितना भी बड़ा,
हम अपनी क्षमताओं को पहचानें और दिखाएं।
नई आशाओं के साथ चलें हम आगे,
निराशा की राह से हम उठें।
संघर्ष करें और अपने सपनों को पूरा करें,
नई जगहों पर खुद को पाएं और बसे।
यह जग रंगीन आशाओं का है देश,
जहाँ सपनों की पंखों को दिया है आकार।
हर कोई चाहता है उड़ने की ऊचाईयों तक,
खोजता है नये हौसलों का प्रतिबिंब यहाँ।
नई आशाएं जगाती हैं दिलों में उम्मीद,
नई सुबह लाती है खुशियों की रौशनी साथ।
बीते लम्हों की यादें छोड़ती हैं विस्तार,
नए सपनों के संग बदल जाता है वक्त।
खुशियों की धूप बिखरती है जहाँ रौशनी,
गम के बादल धीरे-धीरे होते हैं ढले।
नयी ख्वाहिशों की बूंदें बहती हैं सरसराते,
यहाँ हर कोई पाता है अपनी मंजिल धरा।
विश्वास की पंखों से उड़ाते हैं सपने,
जगाते हैं नई आशाएं हर इंसान में।
हौसलों की बहार यहाँ खिलती है सदा,
नए सपनों का नगर बनता है यहाँ।
अगर तू चाहे तो खुद बदल सकता है दुनिया,
क्योंकि नयी आशाएं लाती हैं नया दौर।
हर कोई जीने को मिलता है मौका यहाँ,
खुशियों का रंग बनता है यहाँ कोई भी संघर्ष।
नई आशाओं का है यह नया सफर,
जहाँ रंग बदलते हैं हर किसी के जीवन।
जीवन का आनंद छोड़ती हैं नई आशाएं,
हर दिन उम्मीदों की बारिश,
ख्वाबों को पंख देकर उड़ाए।
आगे बढ़े आने वाला कल,
मधुर सपनों की नई बहार।
होंठों पर हंसी की मुस्कान,
दिल में खुशियों की ढेर।
बदलें आसमान और ज़मीं,
नयी रौशनी सदा फैलाएं।
कठिनाइयों को चुनौती बनाएं,
हौसला न चूर दें जहाँ।
नई आशाएं जगाएं, ख्वाबों को पंख देकर उड़ाएं,
हम खुद को नया आकार दें।
सपनों की उड़ान को पाले,
मन की ऊँचाइयों को छूए।
हर पल खुशियों से भर दे,
आगे बढ़कर नए सपने सजाएं।
नई आशाएं जगाए,
दृढ़ विश्वास के संग बढ़े।
खुद को पुनः जीने की राह,
नये रंग में आकर ढले।
