नारी जीवन
नारी जीवन
नारी जीवन ********* नारी ममता की मूर्ति करुणा का सागर, त्याग तपस्या की देवी है, जिसके आँचल में मिलती है शीतलता की छाँव और सूकून का अहसास। माँ, बहन, बेटी, पत्नी के रूप में सँवारती है हमारा जीवन, और अपने आशीष से देती है प्रेरणा, प्रोत्साहन, निराशा में आशाओं का संचार करती है मुसीबतों से बचाने के लिए जाने क्या-क्या, कैसे -कैसे जतन करती है, बदले में वो हमसे सिर्फ इतना ही तो चाहती है बस! अपनापन, विश्वास और खुशियों की सौगात परिवार की एकता, उन्नति की चाह और हँसता, मुस्कराता घर-परिवार। बस! यही तो है ममता की देवी नारी, जिसका अपना कुछ भी नहीं होता फिर भी सब उसका अपना ही होता है, जैसे सारी जिम्मेदारियाँ उसके ही शीश पर हों। ऐसे में हम सबकी भी तो कुछ जिम्मेदारी है उसकी ममता, करुणा, त्याग, तपस्या के प्रति ताकि मिलता रहे हमें उसका आशीष, सँवर जाए हमारा जीवन और खुशहाल रहें हम, आप, सब और हमारा परिवार। सुधीर श्रीवास्तव
