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Sumit. Malhotra

Inspirational

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Sumit. Malhotra

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नारी जाति और देवता

नारी जाति और देवता

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नारी ने जन्म दिया,

ऐ इंसान मत कर अभिमान।

नारी जगत जननी हैं,

इतना तो करले ध्यान।

बचपन में हम जिसे पूजते,

मानकर देवी रूप कंजक।

कुछ नर हममें से ही क्यूँ,

देवी रूपी नारी पर लगाते कंलक।

याद रखे जंहा होता नारी सम्मान,

जिसकी कोख से खुद भी जन्म ले भगवान।

समझो महिमा नारी के अवतार की,

पूजना शुरू कर दो देवी के अवतार की।

हो जाओ सावधान,मौका है अभी,

नहीं तो फिर संभल ना पाओगे कभी।

चारो और प्रलय होगी, सब पल में तबाह,

चीख पुकार और निकलेगी हर और आह।



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