STORYMIRROR

Jyoti Khari

Tragedy Inspirational

4  

Jyoti Khari

Tragedy Inspirational

नारी जागरूकता....!

नारी जागरूकता....!

2 mins
379

सड़कों पर चीरहरण होता है

बेटियों का मरण होता है

अभी भी है दुर्योधन दुशासन

अभी भी है अधर्मी में शासन

बेटियों को अब द्रौपदी नहीं काली बनना है

क्योंकि

बचाने के लिए अब श्याम नहीं है

अब इस धरती पर कोई राम नहीं है

खुद में भर लें बेटियां इतनी ताकत

स्वयं ही कर लें स्वयं की हिफाजत

तोड़ दे स्त्री ये बारीक बेड़ियां

जैसे जीते हैं बेटे वैसे जिएं अब हर घर में बेटियां

बेटियां रहें सुरक्षित प्रत्येक माता-पिता को कानून से बस ये ही आशा है

सवाल उठाओ सब मिलकर

खुले घूम रहे हैं जो दरिंदे

क्या ये ही न्याय की परिभाषा है

आखिर इनको कुकर्मों का उत्तरदाई कौन है

अपराधी तो हम भी हैं

कुछ दिन कैंडल्स जलाकर

स्टेटस लगाकर

फिर क्यों हो जाता है ये सिस्टम मौन हैं

बेटियों की आबरू जब सड़कों पर तार-तार होती है

तब इंसानियत भी शर्मसार होती है

अब फिर से ना कोई आसिफा,दामिनी, जैनब हो

अब ना कोई ना निर्भया हो

बस इस समाज में सुरक्षित बेटियां हों

समाज उन बच्चियों को उस नजर से देखता है

जैसे कि गलत उनके साथ नहीं हुआ

उन्होंने किया है

संकुचित मानसिकता को छोड़ो यारों

बेटियों के लिए है क्यों ये नजरिया है

समाज में जागरूकता लानी होगी

सिर्फ बातें करनी नहीं है

हमें वो बातें निभानी होगीं

हमने अपनी संस्कृति और हिंदुत्व को अपनाना है

मिलकर हमें फिर से सुरक्षित और अनुपम भारत बनाना है

अब इतिहास फिर न दोहराए खुद को

अब फिर ना किसी बच्ची की अखबार के पन्नों में दर्ज कहानी हो

काश ये सिर्फ़ ज्योति कि नहीं

पूरे हिंदुस्तान की जुबानी हो !!!! 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy