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Mahavir Uttranchali

Tragedy

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Mahavir Uttranchali

Tragedy

मूक हुई स्वर कोकिला

मूक हुई स्वर कोकिला

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मुझे कहे टूटी कलम,

शोकाकुल संगीत

मूक हुई स्वर कोकिला,

हाय! रचो ना गीत


सुर साधक सच्ची रही,

सरस्वती का रूप 

सबके लिए रही लता,

प्रेरणा का स्वरूप 


महान पर्श्व गायिका लता मंगेशकर (1929-2022) अब हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं! 

लेकिन उनकी जादुई आवाज़ हमेशा विश्व के संगीत क्षितिज पर गूंजती रहेगी।


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