STORYMIRROR

Mahavir Uttranchali

Inspirational

3  

Mahavir Uttranchali

Inspirational

बख़्श दी है जान मेरी, होश में क़ातिल नहीं है

बख़्श दी है जान मेरी, होश में क़ातिल नहीं है

1 min
130

बख़्श दी है जान मेरी, होश में क़ातिल नहीं है

कुछ कमी मालूम देती, जोश में महफ़िल नहीं है 

थे कई तूफ़ान ऐसे, आप होते तो न बचते

जिस जगह डूबी है कश्ती, ये तो वो साहिल नहीं है 

कुछ नया पाने की कोशिश, चल पड़े लम्बे सफ़र में

आरज़ू थी जिसकी हमको, ये तो वो मंज़िल नहीं है 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational