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डॉअमृता शुक्ला

Abstract

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डॉअमृता शुक्ला

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मुमकिन हो जाएगा

मुमकिन हो जाएगा

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ज्योतिष, हाथ की रेखाएं

रत्न, सोने - चांदी की मालाएं  

अंगूठियां और कितने टोटके 

आगे जाने से क्यों हैं रोकते

कभी मन में ये विचार किया है 

अपनों की कही बात का सार गहा है

ईश्वर पर हो आस्था , करो बडों का आदर 

इच्छाएं पूरी होंगी बिछा दो प्यार की चादर

सच यही है कि जीवन सफलतम होगा

उन्नति की शिखर पर हर एक कदम होगा 

नसीब से मिलतीं हैं आशीर्वाद और दुआ

मुमकिन हो जाएगा सब, जो अब न हुआ।


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