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Samreen Sheikh

Romance

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Samreen Sheikh

Romance

मुझसे जो नज़रें चुराने लगे

मुझसे जो नज़रें चुराने लगे

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मुझसे नज़रें चुराने लगे हो

न जाने किस किस गली अब जाने लगे हो।


वो लफ्ज़ जो मैंने लिखे थे खत में कभी

धीरे धीरे खत मेरे जलाने लगे हो।


मेरे बाद भी तुम किस किस को सताओगे

करके देगा तुम मुझसे बड़ा पछताओगे।


क्या मै अकेला काफी न था तुझे चाहने के लिए

या और भी चाहिए थे तुझे दिल बहलाने के लिए।


राहों में ठोकरें तुम भी तो खाओगे

बड़ा पछताओगे हाय बढ़ा पछताओगे !


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