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Shivangi Dubey

Comedy Drama Children

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Shivangi Dubey

Comedy Drama Children

मुझे मेरा बचपन याद आता है

मुझे मेरा बचपन याद आता है

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जब भी दिल टूट जाता है,

Life जब बड़ा रुलाता है,

मुझे मेरा बचपन याद आता है।


मां की गोद और उसकी लोरी,

हर मर्ज़ की दवा, 

गरमा गरम खीर की एक कटोरी।


घर के आंगन में भाई बहनो की किलकारी,

BMW से भी ज्यादा मज़ा देती,

पापा के Bajaj स्कूटर की सवारी।


नई pencil और Cadbury की ज़िद में घंटो रोना,

लेकिन मां की बड़ी बड़ी आंखों से डर कर चुप चाप सोना।


घर से बहाना कर निकल जाना,

दोस्तों के साथ करना सैर सपाटा

शाम को घर में स्वागत में फिर मिलता एक या दो चांटा।


ये बचपन का वो ज़माना था, 

जिस में दुख का इक अलग पैमाना था,

लेकिन खुशियों का अपार खजाना था।


बचपन दिल से जाता नहीं , 

कुछ भी कर लो ये भूलाता नहीं,

एक बार बीता बचपन फिर लौट कर आता नहीं।


जब भी दिल टूट जाता है,

Life जब बड़ा रुलाता है,

मुझे मेरा बचपन याद आता है।


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