मर्यादा पुरूषोत्तम
मर्यादा पुरूषोत्तम
अजब अवतार थे आप
गजब अवतार थे आप
सारे अवतारों में
सर्वश्रेष्ठ अवतार थे आप
आपने खुद को मनुष्य जाना
मर्यादा में रहने का प्रण ठाना
बड़ा अनोखा अवतार था
प्रभु में नर का वास था
हर रूप में दिव्य रूप दिखाया
इस रूप में बस मस्तक झुकाया
आपको था पता...
ये अवतार सबसे कठिन अवतार है
मनुष्य का जीवन कष्टों का सार है
फिर भी इस योनी को अपनाया
"सीमा" जिसके अधीन नही थे आप
परन्तु उसी में रहते हुये खुद को
मर्यादापुरूषोत्तम कहलवाया।
