Vishnuuu X
Romance
तुम आओगे भी अब लौटकर तो
तुम्हें क्या हासिल होगा,
जो मोहब्बत थी हमारे बीच वो
फासलो में फ़ना हो गई।
#सच्चा_इश्क़
तुम लाना...
तूफान
बेटे भी घर छो...
ये है नया इंड...
∆मोहब्बत∆
तुम अकेले में अगर हो मुस्कुराते इश्क़ है। महफ़िलों में भी अकेले गुनगुनाते इश्क़ है। तुम अकेले में अगर हो मुस्कुराते इश्क़ है। महफ़िलों में भी अकेले गुनगुनाते इश्क़ ...
अच्छा ये तो बताओ याद हमारी आती तो होगी। अच्छा ये तो बताओ याद हमारी आती तो होगी।
तन सिहरा, सांसे बदहवास, वाणी अवाक। तन सिहरा, सांसे बदहवास, वाणी अवाक।
क्योंकि तुम मेरी हो और हमेशा मेरी रहना। क्योंकि तुम मेरी हो और हमेशा मेरी रहना।
कभी तुम्हारी याद बदन को खुशबू बन के महकाती है कभी तुम्हारी याद बदन को खुशबू बन के महकाती है
तुझे खुशी देने की जगह कहीं आंख तेरी नम न कर दूँ, तुझे खुशी देने की जगह कहीं आंख तेरी नम न कर दूँ,
प्रेम विरह की ज्वाला में, तन, मन, काठ सा जल जाय l प्रेम विरह की ज्वाला में, तन, मन, काठ सा जल जाय l
लाल जोड़े में सजी प्रीति कौन जाने उसके हिय रीति। लाल जोड़े में सजी प्रीति कौन जाने उसके हिय रीति।
तू साथ नहीं, तेरी यादें हैं यादों से गुजारा कर लेंगे। तू साथ नहीं, तेरी यादें हैं यादों से गुजारा कर लेंगे।
रात है अंधेरी तो कल सुबह भी आएगा। तम सगीर मिटता है इक शमा जलाने से। रात है अंधेरी तो कल सुबह भी आएगा। तम सगीर मिटता है इक शमा जलाने से।
एक अरसे के बाद मिले हो.. कुछ तो कहो.. कैसे हो तुम. एक अरसे के बाद मिले हो.. कुछ तो कहो.. कैसे हो तुम.
हर ज़िन्दगी की, एक ज़िद होती है, तुम मेरी, वो एक ज़िद हो। हर ज़िन्दगी की, एक ज़िद होती है, तुम मेरी, वो एक ज़िद हो।
रानी बन तेरी मैं हल्का सा हक चाहूँ सोचूँगी फिर कभी.. रानी बन तेरी मैं हल्का सा हक चाहूँ सोचूँगी फिर कभी..
दिल अति कोमल तंतु है, रखना इसे सँभाल। दिल अति कोमल तंतु है, रखना इसे सँभाल।
तुम्हारे जन्मदिन पर तोहफे नहीं लाई हूँ मैं बस दुआ लाई हूँ। तुम्हारे जन्मदिन पर तोहफे नहीं लाई हूँ मैं बस दुआ लाई हूँ।
वक्त के क्षितिज पर हम मिलेंगे। दास्तान -ए -मुहब्बत लिखेंगे।। वक्त के क्षितिज पर हम मिलेंगे। दास्तान -ए -मुहब्बत लिखेंगे।।
तुम्हें एक नज़र देखते ही जानते हो न इबादत हो जाती है मेरी, कलमा है तुम्हारी आँखों की क तुम्हें एक नज़र देखते ही जानते हो न इबादत हो जाती है मेरी, कलमा है तुम्हारी आ...
नबियों की है मीरास "सगीर" इल्म और अमल। इसके सिवा हम कोई वसीयत नहीं करते। नबियों की है मीरास "सगीर" इल्म और अमल। इसके सिवा हम कोई वसीयत नहीं करते।
तुम आए मेरी ज़िन्दगी में आशाओं की नई किरण बनकर। तुम आए मेरी ज़िन्दगी में आशाओं की नई किरण बनकर।
दर्द को शूल-ए-जिगर बनके निकल जाने की या कहूँ ज़ख़्मो को गहराई में ढल जाने की। दर्द को शूल-ए-जिगर बनके निकल जाने की या कहूँ ज़ख़्मो को गहराई में ढल जाने की।