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Vivek Sharma

Romance

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Vivek Sharma

Romance

मोहब्बत वाला रंग सदाबहार

मोहब्बत वाला रंग सदाबहार

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मौसम की तरह

रंग बदलना मुझे नहीं आता,

ना है ये मेरी फितरत

ना ही मुझे ये भाता।


मेरा रंग एक है

एक ही रहेगा ,

आज, कल और हमेशा ।


पहचान सकते नहीं, तो जान लो

वैसे, परख तो तुम भी चुके हो, कई मर्तबा

जानना चाहते हो, कौन सा है वो रंग ?

वो रंग है, मोहब्बत वाला ।


तुम इसे अब भी नहीं देख पा रहे !

तो जरा, अपने मन की नजरों को करो साफ

क्योंकि सिर्फ एक यही रंग है

जो पूरी कायनात में है सदाबहार ।।




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