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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

मन से जपो,राम-राम

मन से जपो,राम-राम

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जिनके रोम रोम में समाये,श्री राम

निरंतर जपते रहते है,जय श्री राम

बालाजी का लेता जो मन से नाम

उसके सब बनते बिगड़े हुए,काम


आते है,तेरे द्वारे,रोते हुए इंसान

पर जाते है,हंसते हुए,सब इंसान

जो प्रतिक्षण बोले राम-राम जुबान

वो डाकू से बनते,वाल्मीकि महान


प्रभु नाम मे इतना अमृत समाया

भूल से कोई उल्टा भी ले,ले नाम

उसका भी सुधर जाता है,जहान

जो भी मन से जपते है,राम नाम


बालाजी खुद सँवारे,बिगड़े काम

जिसका पक्का,बालाजी में ईमान

कलि प्रभाव से दूर रहे,वो इंसान

दुनिया मे एक ही सिद्ध है,भगवान


वो है,बस श्री राम भक्त हनुमान

बोलो जय श्री राम,जय श्री राम

बालाजी से पाओगे नित ईनाम

सोते-उठते हरपल बोले राम-राम


तुलसी को पिलाई,जूं राम सुधा

त्यों पाओगे,तुम भी अमृत महान

जो भी व्यक्ति करते,भक्ति हनुमान

उनको मिलता आशीर्वाद,श्री राम


हनुमान चालीसा जो भी नित पढ़े

उसके तो,फिर सब ही संकट कटे

सुंदरकांड का पाठ,करता वो काम

मिले राम दरबार आशीर्वाद,तमाम


हर असाध्य रोग,की एक औषध

जपो,जय श्री राम,जय श्री राम

जो भी बांधे लँगोट,मिटे हर खोट

पाता वो भक्ति,फिर तो हनुमान


गर साखी तुझे पाना है,आसमान

रोम-रोम में बसा ले,बस हनुमान

उनके ही हाथ मे है,संसार कमान

उनके इशारे,पर चले सारा जहान


न दुःख होगा,न ही कष्ट होगा

हर स्थिति में आनंद रस होगा

हर समस्या का होगा,समाधान

भक्ति कर तू बस,वीर हनुमान


मुख से बोल,नित जय श्री राम

अंत मे साथ यह जायेगा,इंसान

राम निकले,फिर न रहती,जान

जहां रामधुन,वहां रहते,हनुमान


उस पत्थर में आ जाये,जान

जो नाम ले,गर जय श्री राम

मन से बोलो,बस जय श्री राम

बालाजी से पाना,फिर वरदान।



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