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Anjali Pundir

Abstract

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Anjali Pundir

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मन को बच्चा रहने दो

मन को बच्चा रहने दो

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मतलब से भरी इस दुनिया में

कुछ सीधा-सच्चा रहने दो..।

तन की उमर बढ़ जाये चाहे

मन को बच्चा रहने दो......।।


साधन-सुविधाओं के संचय में

कंचन-महल हजार करो.....।

मन की इमारत का इक कोना

पर आज भी कच्चा रहने दो....।।


जीवन की आपाधापी में

तुम सबसे विद्वान बनो...।

पर यारों की महफिल में

खुद को नादां रहने दो....।।


दोहराओ चाहे लिखी इबारत

उसी में अपना नाम करो....।

ख्वाब नया इक लिखने को

मन में इक सादा पन्ना रहने दो...।।


दुनिया चाहे जो भी सोचे

उसका भय मत मानो तुम..।

अगर मुहब्बत सच्ची है

रौनक मधुशाला रहने दो...।।


नापो धरती का हर कोना

अंबर पर परवाज़ करो...।

मलिन मत करो कुदरत को

थोड़ा तो सुच्चा रहने दो....।।


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