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Dishika Tiwari

Abstract

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Dishika Tiwari

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मन की बात

मन की बात

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बात आती है जब घर की 

जो मन में जागी है बताती हूँ।

घर में बैठे रहना लग नहीं रहा है अच्छा

अब तो कुछ भी लग नहीं रहा है सच्चा।


करोना ने तो कहर मचा रखा है

जीना हमारा बरबाद कर रखा है।

ना घर के अंदर रहा जाता है

ना बाहर जाने दिया जाता है।


भगवान से बस अब यही प्रार्थना

दूर भगाओ इस करोना को

जड़ से मिटाओ इस करोना को।


अमीरों के लिए तो अच्छा है

पर गरीबों के लिए तो एक सजा है।

ना कोई काम पर जा सकता है

ना कोई काम से आ सकता है।


कर्फ्यू तो लगा रखा है

घर को जेल बना रखा है।

अब तो एक ही रास्ता है

स्वयं देवी मां ने कहा है

कोरोना को ना बढ़ने दूंगी

किसी को ना इससे लड़ने दूंगी।


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