STORYMIRROR

Manoj Gupta

Comedy

4  

Manoj Gupta

Comedy

मिट्ठू भैया की भूख

मिट्ठू भैया की भूख

1 min
242

खा खाकर मिट्ठू भैया

हो गए कितने मोटे

दिन भर बस खाते रहते

बिस्तर पर लेटे-लेटे


इतने मोटे हो गए कि

चलना फिरना हुआ हराम

ज्यादा दूर तक चल नहीं पाते

नहीं कर पाते कोई काम


फिर मिट्ठू भैया ने सोचा 

अब खाना कम में खाऊंगा

डॉक्टर को दिखाकर में अपना

मोटापा दूर भागाऊंगा


10 दिन कुछ नहीं खाया मिट्ठू

सूख के फिर हो गया लकड़ी

दुबला सा पतला सा हो गया

दिखने लगा हड्डी पसली।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy