STORYMIRROR

Manoj Gupta

Children Stories

4  

Manoj Gupta

Children Stories

आखिरी प्यार

आखिरी प्यार

1 min
363

जो दिल से धड़कन को समझे वह प्यार है

जब दूर हो तड़पन समझे वह प्यार है


प्यार पाने के लिए हार मानते नहीं

कोशिश करते हैं बार-बार क्त वह प्यार है


जो दिल को दिल से न समझे वो प्यार ही क्या

रहतेे हैं उलझे उलझे वह प्यार ही क्या


प्याार की परिभाषा सब जानते हैं नहीं

जो सब लोग समझ ले वह प्यार ही क्या


कुछ समझते हैं प्यार बड़ा ही कठोर है

पर बिछड़े हुए दो दिलोंं का यही जोड़ है


पहले प्यार में जो होता था आज होता ना वो

पहलेे कुछ और था आज कुछ और है।


Rate this content
Log in