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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

मिल जाए कहीं

मिल जाए कहीं

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एक तू

एक मै

हो जाए दोनों एक

फिर किसका डर

आधी रोटी तेरी।


आधी मेरी

एक ही जाए

किसका डर नहीं

यही है रिश्तों की मजबूती


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